Awara Hawa Ka Jhoka Hu Lyrics in Hindi (हिंदी) – Altaf Raja

 Awara Hawa Ka Jhoka Hu Lyrics in Hindi – ‘Aawara Hawa Ka Jhonka Hoon’ is a Hindi song from album ‘Tum To Thehre Pardesi’. This song is sung by Altaf Raja. Lyrics of Awara Hawa Ka Jhoka Hu song are written by Qaiser UL-Jaffri. Music is given by Late. Mohd.  Shafi Niyazi and label is Venus.

SONG DETAILS :
Song – Aawara Hawa Ka Jhonka HoonAlbum – Tum To Thehre PardesiSinger – Altaf RajaLyrics – Qaiser UL-JaffriMusic – Late.Mohd.Shafi Niyazi

Awara Hawa Ka Jhoka Hu Lyrics in Hindi (हिंदी) – Altaf Raja

कभी तो शाम ढले अपने घर गए होतेकिसी की आँख में रहकर सवर गए होतेग़ज़ल ने बहते हुए फुल चुन लिए वरनाग़मों डूब के हम लोग मर गए होते आवारा हवा काआवारा हवा का झोँका हूँआ निकला हूँ पल दो पल के लिए
आवारा हवा का झोँका हूँआ निकला हूँ पल दो पल के लिएआवारा हवा का झोँका हूँआ निकला हूँ पल दो पल के लिए
आवारा हवा का झोँका हूँआवारा हवा का झोँका हूँआ निकला हूँ पल दो पल के लिएआ निकला हूँ पल दो पल के लिएआ निकला हूँ पल दो पल के लिए
दौलत, ना कोई ताज महल छोड़ जाएँगेदौलत, ना कोई ताज महल छोड़ जाएँगेहम अपनी यादगार ग़ज़ल छोड़ जाएँगेतू आज जितनी चाहे हमारी हँसी उडाओंरोता हुआ मगर तुम्हे कल छोड़ जाएँगे
आ निकला हूँ पल दो पल के लिएआ निकला हूँ पल दो पल के लिए
ज़र्रों में रह गुजर के चमक छोड़ जाऊंगाज़र्रों में रह गुजर के चमक छोड़ जाऊंगापहचान अपनी दूर तलक छोड़ जाऊंगाखामोशियों की मौत गवारा नहीं मुझेशीशा हूँ टूट कर भी खनक छोड़ जाऊंगा
 आ निकला हूँ पल दो पल के लिएआ निकला हूँ पल दो पल के लिए
आवारा हवा का झोँका हूँआ निकला हूँ पल दो पल के लिएआ निकला हूँ पल दो पल के लिएतुम आज तो पत्थरतुम आज तो पत्थर बरसा लोकल रोओगे मुझ पागल के लिए
तुम आज तो पत्थर बरसा लोकल रोओगे मुझ पागल के लिएतुम आज तो पत्थर बरसा लोकल रोओगे मुझ पागल के लिए
(संगीत)
दिल और जिगर तो कुछ भी नहींदिल और जिगर तो कुछ भी नहींएक बार इशारा तो कर दे
एक बार इशारा तो कर देएक बार इशारा तो कर दे
 आज वो भी इश्क के मारे नज़र आने लगेआज वो भी इश्क के मारे नज़र आने लगेउनकी भी नींद उड़ गई तारे नज़र आने लगेआँख वीरां, दिल परेशां, ज़ुल्फ़ बरहम, लब खामोशआँख वीरां, दिल परेशां, ज़ुल्फ़ बरहम, लब खामोशअब तो वो कुछ और भी प्यारे नज़र आने लगे
एक बार इशारा तो कर देएक बार इशारा तो कर दे
ये आईने जो तुम्हे कम पसंद करते हैये आईने जो तुम्हे कम पसंद करते हैवो जानते है तुम्हे हम पसंद करते है
एक बार इशारा तो कर देएक बार इशारा तो कर दे
दिल और जिगर तो कुछ भी नहींएक बार इशारा तो कर देएक बार इशारा तो कर देमैं खुद को जला भीमें खुद को जला भी सकता हूँतेरी आँखों के काजल के लिए
में खुद को जला भी सकता हूँतेरी आँखों के काजल के लिएमें खुद को जला भी सकता हूँतेरी आँखों के काजल के लिए
(संगीत)
हम लोग है ऐसे दीवानेहम लोग है ऐसे दीवानेजो जिद पे कभी आ जाए तो
जो जिद पे कभी आ जाए तोजो जिद पे कभी आ जाए तो
इश्क में जो भी मुब्तिला होगाइश्क में जो भी मुब्तिला होगाउसका अंदाज ही जुदा होगाऔर भाव क्यूँ गिर गया है सोने काभाव क्यूँ गिर गया है सोने काउसने पीतल पहन लिया होगा
जो जिद पे कभी आ जाए तोजो जिद पे कभी आ जाए तो
शहर की एक अमीरजादी कोशहर की एक अमीरजादी कोकल इन आँखों से मैने देखा थाठीक उस वक़्त मुफलिसी ने मेरीहँस के मेरा मिजाज पूछा था
जो जिद पे कभी आ जाए तोजो जिद पे कभी आ जाए तो
हम लोग है ऐसे दीवानेजो जिद पे कभी आ जाए तोजो जिद पे कभी आ जाए तोसेहारा से उठा करसेहारा से उठा कर लाएँगेझंकार तेरी पायल के लिए
सहारा से उठा कर लाएँगेझंकार तेरी पायल के लिएसहारा से उठा कर लाएँगेझंकार तेरी पायल के लिए
(संगीत)
ये खेल तमाशा लगता हैये खेल तमाशा लगता हैतकदीर के गुलशन का शायद
तकदीर के गुलशन का शायदतकदीर के गुलशन का शायद
फुल के साथ साथ गुलशन मेसोचता हूँ बाबुल भी होंगेफुल के साथ साथ गुलशन मेंसोचता हूँ बाबुल भी होंगेक्या हुआ उसने बेवफाई कीउसके अपने उसूल भी होंगे
तकदीर के गुलशन का शायदतकदीर के गुलशन का शायद
यूँ बड़ी देर से पैमाना लिए बैठा हूँयूँ बड़ी देर से पैमाना लिए बैठा हूँकोई देखे तो ये समझे पिए बैठा हूँज़िन्दगी भर के लिए रूठ के जाने वालेज़िन्दगी भर के लिए रूठ के जाने वालेमैं अभी तक तेरी तस्वीर लिए बैठा हूँ
तकदीर के गुलशन का शायदतकदीर के गुलशन का शायद
ये खेल तमाशा लगता हैतकदीर के गुलशन का शायदतकदीर के गुलशन का शायदकाँटे है मेरेकाँटे है मेरे दामन के लिएऔर फुल तेरे आँचल के लिए
काँटे है मेरे दामन के लिएऔर फुल तेरे आँचल के लिएकाँटे है मेरे दामन के लिएऔर फुल तेरे आँचल के लिए
आवारा हवा का झोँका हूँआ निकला हूं पल दो पल के लिएआवारा हवा का झोँका हूँआ निकला हूं पल दो पल के लिए
तुम आज तो पत्थर बरसा लोकल रोओगे मुझ पागल के लिएतुम आज तो पत्थर बरसा लोकल रोओगे मुझ पागल के लिए
कल रोओगे मुझ पागल के लिएकल रोओगे मुझ पागल के लिएकल रोओगे मुझ पागल के लिएकल रोओगे मुझ पागल के लिए

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